पंचांग
आपके चुने हुए स्थान के लिए दैनिक वैदिक समय, स्थानीय सूर्योदय से गणना की गई। आज के सारांश के साथ शुरुआत करें, फिर पारंपरिक विवरण का पता लगाएं।
बुधवार · New Delhi, India · मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083
आज एक नज़र में
सबसे उपयोगी विवरण सबसे पहले। पांच अंग, कैलेंडर और ग्रहों के घंटे इसके बाद दिए गए हैं।
- तिथि
- सप्तमी
- नक्षत्र
- शतभिषा
- राहु काल
- 12:16 – 13:34
- अभिजित मुहूर्त
- 11:55 – 12:37
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 07:06
- सूर्यास्त
- 17:26
- दिन की अवधि
- 10.33 h
- चंद्रोदय
- 11:47
- चंद्रास्त
- 23:51
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कुंभ
- चंद्रमा प्रकाशित
- 38%
ध्यान देने योग्य समय-खंड
- राहु काल
- 12:16 – 13:34
- यमगंड
- 08:24 – 09:41
- गुलिक काल
- 10:59 – 12:16
- अभिजित
- 11:55 – 12:37
- ब्रह्म मुहूर्त
- 05:30 – 06:18
ये सूर्योदय से दिन के उजाले को आठ बराबर भागों में बांटते हैं, इसलिए इनकी लंबाई घड़ी के बजाय मौसम के अनुसार बदलती है।
चौघड़िया
दिन में आठ और रात में आठ खंड, हर एक पर कल्डियन क्रम में चलता एक ग्रह शासन करता है। दिन की शुरुआत होती है बुधवार के अपने स्वामी, बुध से।
होरा
दिन में बारह और रात में बारह ग्रह होरा — इसलिए विषुव के समय एक होरा केवल साठ मिनट की होती है। इनमें से चौबीस कल्डियन क्रम को तीन स्थान आगे बढ़ाती हैं — यही सटीक कारण है कि सप्ताह के दिन उसी क्रम में चलते हैं जिस क्रम में वे चलते हैं।